सोमवार, 30 मार्च 2020

कभी इश्क हुआ कभी मोहब्बत...

कभी इश्क हुआ कभी मोहब्बत
तो कभी सच्चे वाला प्यार हुआ।
कभी तुम्हारी मुस्कान पर फिदा हुए
तो कभी  तुम्हारी जुदाई पर तन्हा हुआ।

कभी तुम्हारी दूरियाँ भी दोजख़ सी काट दी
तो कभी तुम्हारे पास होने पर जन्नत का अहसास हुआ ।

आज तुम्हारा सपने में आना
तो यह सोना भी सफल हुआ।

तुम्हारे होने का अहसास हुआ
तो  यह दिल भी दिलबाग हुआ।

जब इस दिल को तुम्हारी बेपनाह याद आई
तो वो  हंसीन लम्हों का अहसास ही इसका सहारा हुआ।

आज जब खलिहानों में बैठा निहार रहा था उन्हें
तो उन में भी तेरे होने का अहसास हुआ।
लहलहाती फसल का छूना
तो ऐसा लगा मानो जैसे तुम्हारी जुल्फें हो।

                         ✍️शैतान सिंह बिश्नोई


रविवार, 29 मार्च 2020

अस्तांचल में छिपता सूरज



अस्तांचल में छिपता सूरज
नवप्रभात की आस में
नव निर्माण की आस में

होगा फिर सवेरा
खगों के पावन गान से

रूक गए हैं पंखेरू
आज की उड़ान से
चल दिए हैं नीड़ों की ओर 

निकलेगें फिर नवप्रभात के साथ में
ओर बढ़ेगें नवसृजन के आस में
                                ✍️शैतान सिंह बिश्नोई😍

मंगलवार, 3 मार्च 2020

मोहब्बत


यह मोहब्बत भी क्या चीज है, जनाब !

हो भी जाती हैं पता भी नहीं चलता।

उसकी आँखों से मेरी आँखें बात भी कर जाती हैं पता ही नहीं चलता।

उसकी चेहरे की मुस्कान पर मेरी मुस्कान कब फिदा हो जाती हैं पता भी नहीं चलता।

जब उसे देखता हूँ तो एक अरसा बित जाता हैं पता ही नहीं चलता।

कब उसकी नामौजूदगी मेें यह दिल उसके होने का अहसास करा जाता हैं पता ही नहीं चलता।

कब उसकी खट्टी- मिठ्ठी यादों मेें खो जाता हूँ पता ही नहीं चलता।

  कब उसके होठों की लालिमा मेरे होठों की लालिमा हो गई पता ही नहीं चला।

इस सुर्ख गुलाबी गालों वाली कब मेरे दिल में आशियाना कर गई पता ही नहीं चला।

उसकी याद में कब यह चंद पंक्तियाँ लिख दी पता ही नही चला।                                                       

                                ✍️Ssingh29😊😊😊😊😊

"मुस्कुराते रहिए और औरों की मुस्कान का कारण बने।

मुस्कराने के लिए एक कारण हजारों गमों पर काफी हैं।"


"मिल जा कोई सपनों की परी या राजकुमार

तो हमें भी इतलाह किजिएगा।

हमें भी रसमलाई से बड़ा प्यार हैं।"😜😘

                                                      ✍️Ssingh29