ढलती शाम के साथ किसी के मिल जाने की आस हैं जीवन
किसी अपने का हर एक रोज इंतजार हैं जीवन
किसी योगी की साधना हैं जीवन
किसी फकीर की जिंदादिली है जीवन
अपने काम से संतुष्टि हैं जीवन
अपने काम में तलीनता हैं जीवन
जीने की कला हैं जीवन
जीने का विज्ञान हैं जीवन
हर एक हार के बाद जीत की आस हैं जीवन
हर एक जीत के बाद हार का डर हैं जीवन
हजारों की भीड़ में किसी अपने कोई ढूंढती निगाह है जीवन
हजारों विचारों में से किसी एक को आत्मसात को करना हैं जीवन
किसी शिशु के स्तनपान की आस में रूद्रन है जीवन
माँ का सब कुछ काम छोड़कर उस शिशु को दूध पिलाना हैं जीवन
माँ का वात्सल्य हैं जीवन
पिता का त्याग हैं जीवन
बच्चों का बुढ़ापे में माँ-बाप को सहारा हैं जीवन
दादा-दादी से हर रोज एक नई कहानी सुनने की जिद्द है जीवन
नाना-नानी के घर जाने के लिए गर्मियों की छुटियों का इंतज़ार है जीवन
किसी किसान के लिए फसल पकाने की तपस्या है जीवन
किसी सैनिक के लिए विश्व शांति की आस है जीवन
किसी राहगीर के लिए रात्रि विश्राम के लिए एक सराय का इंतज़ाम हैं जीवन
एक यात्री के लिए वो आखिरी छूटती ट्रेन का आखिरी समय दौड़ कर पकड़ने का सुखद अहसास है जीवन
किसी विद्यार्थी के लिए वो खेल के एक कालांश का इंतज़ार हैं जीवन
किसी नौकरी-पेशा आदमी के लिए इतवार का इंतज़ार हैं जीवन
किसी प्रेमी का प्रियतमा के एक सन्देश का घंटो इंतज़ार है जीवन
किसी प्रियतमा के लिए प्रेमी की एक तारीफ के लिए संवरना हैं जीवन
और आप सबका ये पढ़ना और मेरा लिखना हैं जीवन
ज्यादा लिख दिया तो आपका झल्लाकर मुझे शुभ वचन* कहना है जीवन
बाकी आप नीचे comment कर सकते है क्या ये जीवन?😊
✍Ssingh_29 (प्यार ही मूल हैं ❣)